हम तुम

एकल एकसारसमस्त संसार अज़र अभिसार अप्रतिम अलंकार प्रिय प्रेयसीश्रेष्ठ, श्रेयसी सगुण निर्गुण गीत बिन धुन साजन सरस बन मिले हम

Continue reading

दादा

जबसे मैंने लिखना जाना तब से याद हैं वो नीले नीले , प्यार में पगे कीमती ख़ त उनकी याद

Continue reading